वृषभ राशि में सूर्य के संक्रमण का राशिगत फलादेश

वृषभ राशि में सूर्य का संक्रमण



मेष राशि से वृषभ राशि में सूर्य का संक्रमण वृषभ संक्रांति कहलाता है जो 14 मई 2020 को शाम 5:33 पर हो गया है
सूर्य को ग्रहों में राजा माना जाता है क्योंकि सूर्य का स्वभाव प्रकृति राजा के समान है सूर्य को पिता का कारक भी माना गया है वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा का कारक भी होता है सूर्य का रंग सुनहरा होता है वैज्ञानिक कुछ लोग इसे विशालकाय तारा भी मानते हैं बिना सूर्य के अंधकार जीवन है धरती पर जितने भी वनस्पतियां पशु और समुद्र में जीव-जंतुओं का जन्म पृथ्वी पर जीवन सृष्टि में सबसे पहले सूर्य स्वरूप प्रकट हुआ इसलिए इनका नाम आदित्य पड़ा सूर्य का एक अन्य नाम सविता भी है  वह सभी सूर्य पुत्र ही कहलाते हैं जिस प्रकार बिना मुखिया के घर कमजोर होता है दिशा अनुसार सूर्य पूर्व दिशा का द्योतक है
कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य को लग्न भाव का कारक की संज्ञा दी जाती है राशि अनुसार पांचवी राशि सिंह राशि का स्वामी होता है नक्षत्र सौरमंडल के अनुसार कृतिका नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी होता है मेष राशि में उच्च का तुला राशि में नीच का सूर्य माना जाता है शारीरिक बनावट की अगर बात करें तो रूप रंग आयु सुख-दुख मस्तिष्क हड्डी स्वभाव आत्मा कारक नेत्र रोग ज्ञान यश आरोग्यता लक्ष्मी शारीरिक बनावट माना जाता है
सूर्य शुभ होने पर महान व्यक्तित्व राजनीतिक सरकारी महकमे का बड़ा अधिकारी विद्वान डॉक्टर सेनापति कहलाता है नवम दशम भाव में सर्वश्रेष्ठ हे
सूर्य राशि भागवत कमजोर होने पर शारीरिक पीड़ा नेत्र विकार दाया अंग कमजोर विवेक बुद्धि दिल की धड़कन मुंह दांत पीड़ा सिर दर्द क्रोध अनिद्रा कोमा बेहोशी निद्रा रोग बने रहते हैं
सूर्य ग्रह को ऐसे बनाएं अपने अनुकूल


सर्वप्रथम सूर्य पूर्व दिशा का कारक माना जाता है पूर्व दिशा में वास्तु सही करें सूर्य को अर्घ्य दें मंत्र ॐ घृणि सूर्याय नमः पिता एवं वृद्ध बुजुर्गों का सम्मान सेवा करें आशीर्वाद लें आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें गायत्री मंत्र का जाप करें तांबा गेहूं एवं गुड़ का दान करें प्रत्येक कार्य का प्रारंभ मीठा खाकर करें तांबे के एक टुकड़े को काटकर उसके दो भाग करें एक को पानी में बहा दें तथा दूसरे को जीवन भर साथ रखें ।
योग प्राणायाम आध्यात्मिक गतिविधियां रोजाना करनी चाहिए ।
विश्वव्यापी कोविड-19 कोरोना महामारी संक्रमण प्रभाव सील माना जाएगा साथ ही भूकंप ज्वालामुखी प्राकृतिक घटनाएं बनी रहती है भूख प्यास से कई लोग परेशान होते हैं नौकरी करने वाले जातकों को समस्याएं बनी रहती है राजनीतिक विवाद युद्ध जैसे आसार बने रहते हैं विशेषकर चीन पाकिस्तान अमेरिका फ्रांस भारत चर्म रोग नेत्र रोग जैसी समस्याएं बनी रहती है
सूर्य का द्वादश राशि पर प्रभाव
मेष राशि -पिता पत्नी परिवार में अनबन बनी रहती है फाइनैंशल स्थिति मजबूत होती है संतान की शिक्षा पूरी होती है चेहरा लाल अर्थात क्रोध अधिक रहता है ।
वृषभ राशि- आत्मनिर्भरता अर्थात आत्मविश्वास बढ़ता है समाज में ख्याति प्राप्त करते हैं व्यवसाय नौकरी सुचारू रूप से चलती है नए कार्य भी तरक्की मिलती है ससुराल पक्ष से अनुमान बनी रहती है क्लैश की स्थिति आदि उत्पत्ति होती है ।
मिथुन राशि- अधीनस्थों का सहयोग बरोबर ना मिलने से मन में हताशा बनी रहती है पारिवारिक रोग पीड़ा चिंता का कारक मानी जाती है खर्च भी बड़े हुए रहते हैं ।
कर्क राशि -परिवार के सहयोग से तरक्की होती है पैतृक संपत्ति प्राप्त होती है यात्राएं होती है ।
सिंह राशि -राज्य पक्षी में उच्च पद प्राप्त होता है सेनापति की भूमिका स्वतंत्र विचारधारा राजयोग बनाती है ।
कन्या राशि- विगत कई दिनों से चली आ रही परेशानियां दूर होगी भाग्य भाव में सूर्य के आने से भाग्योदय होता है पिता से संबंध अनुकूल होते हैं भाई से वे मनुष्य बनी रहती है पुराने मित्र प्रेमी से मुलाकात होती है ।
तुला राशि -शराब मांस या महिलाओं से संबंधित मामलों में मुसीबतें बढ़ सकती है हो सके तो दूरी बनाकर रखें ।
वृश्चिक राशि -सातवां भाव दांपत्य जीवन युद्ध परिवार से संबंध रखता है कमजोर माना जाएगा सहनशीलता बनाए रखें क्रो से नुकसान होता है मित्रों से गलती की क्षमा मांगे ।
धनु राशि -धार्मिक कार्यों में गतिविधियां बढ़ती है किंतु गुरु कमजोर होने से विपरीत प्रभाव मिलते हैं योग प्राणायाम । आध्यात्मिकता संगठन की भूमिका सराहनीय मानी जाएगी ।
मकर राशि -विवाह में आ रहे अवरोध दूर होते हैं पुरानी बीमारियों से संबंधित इलाज करवाना पड़ता है ।
कुंभ राशि- घर परिवार में संपत्ति मामलों में विवाद बना रहता है दांपत्य जीवन भी माता पिता की सेवा करें ।
मीन राशि -आस पड़ोसियों से विवाद बना हुआ रहता है पुरानी गलती को छुपाना दंडनीय अपराध माना जाता है हो सके तो अपनी गलती मानने का प्रयास करें  ।



श्री मातंगी ज्योतिष कार्यालय ज्योतिर्विद पं अजय कृष्ण शंकर व्यास परंपरागत
 मालव रत्न से सम्मानित ज्योतिषाचार्य परम पूज्य श्री देवी शंकर जी व्यास के पुत्र पटनी बाजार नागनाथ की गली उज्जैन 
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